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द्वीप · चौथा वलय

वारुणीवर

वारुणीवर

चौथा द्वीप, 64,00,000 योजन चौड़ा, और पहला ऐसा जिसका मनुष्य-लोक के किसी वर्णन में उल्लेख तक आवश्यक नहीं।

यहाँ तक आते-आते दुगुना होते जाना ही एकमात्र महत्त्व की बात रह जाती है: यह वलय जम्बूद्वीप से 64 गुना चौड़ा है, और इससे अगला द्वीप फिर उससे चार गुना।

इसका नाम आगे के समुद्र वारुणोद से है, जिसका जल मदिरा-सा स्वाद देता है।

माप और संख्याएँ

वलय की चौड़ाई64,00,000 योजन
स्थानचौथा द्वीप
नाम किससेआगे के समुद्र से

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उत्तराध्ययन सूत्र 10